सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत 'कहानी सेवा की' श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं, सागर जिले के देवरी विकासखंड के ग्राम कुसमी निवासी किसान श्री द्वारका रजक की, जिन्होंने सरकारी परियोजना के अंतर्गत तरबूज की नर्सरी तैयार कर सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है। श्री द्वारका रजक ने लगभग 70 हजार तरबूज के पौधों की नर्सरी तैयार की।
इस कार्य में उनकी कुल लागत 70 हजार रुपये रही, जबकि नर्सरी के विक्रय से उन्हें एक लाख 70 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार उन्होंने एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। किसान ने बताया कि उचित नर्सरी प्रबंधन, समय पर देखभाल एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से बेहतर गुणवत्ता के पौधे तैयार हुए, जिनकी किसानों के बीच अच्छी मांग रही।
कम लागत में अधिक लाभ मिलने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। श्री द्वारका रजक ने अपनी सफलता का श्रेय सरकारी परियोजना से प्राप्त मार्गदर्शन एवं सहयोग तथा पूरी टीम के निरंतर प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिली है और भविष्य में भी वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास करेंगे।
उनकी सफलता दर्शाती है कि वैज्ञानिक तरीके से नर्सरी उत्पादन अपनाकर किसान कम समय में बेहतर आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
