कलेक्टर ऊषा परमार ने शुक्रवार को अजयगढ़ विकासखंड के ग्राम बनहरीकला एवं कुंवरपुर पहुंचकर मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत विस्थापित परिवारों को पुनर्वास पैकेज राशि के वितरण कार्य की प्रगति एवं प्रक्रिया का जायजा लिया। इस मौके पर उपस्थित विस्थापितों से बारी-बारी से संवाद कर समस्याओं के निराकरण के लिए विधिवत आवेदन भी प्राप्त किए। जिला कलेक्टर ने जानकारी दी कि प्रत्येक पात्र विस्थापितों को निश्चित रूप से मुआवजा एवं अतिरिक्त मुआवजा राशि मिलेगी।

तहसील कार्यालय में विशेष सुनवाई सेल का गठन भी किया जाएगा। यहां ड्यूटीरत लोकसेवक तत्परतापूर्वरक रूंझ एवं मझगांय परियोजना से संबंधित सुनवाई करने के साथ शिकायतों का निराकरण भी सुनिश्चित करवाएंगे। विस्थापन एवं पुनर्वास संबंधी कार्यों के लिए किसी को भटकने की आवश्यकता नहीं है। संयुक्त खाता एवं सहमति प्राप्त होने के बाद एक सप्ताह में मुआवजा राशि मिल जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि संयुक्त दल द्वारा गांव-गांव पहुंचकर निरंतर सर्वे और सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। विस्थापित गांवों में राशि वितरण के साथ समानांतर रूप से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास कार्य भी चलेगा। जिला कलेक्टर ने विवाहित होने की स्थिति में अतिरिक्त पुनर्वास राशि साढ़े 7 लाख रुपए प्राप्त करने के लिए संयुक्त बैंक खाता प्रस्तुत करने की अपील की।

साथ ही गांव में कियोस्क सुविधा के लाभ और नियमित रूप से नोटरी वेंडर की बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग व्यक्तियों की हरसंभव सहायता व आवश्यक मदद की जाए। संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में घर-घर जाकर भी संपर्क करने के निर्देश दिए। समय सीमा में प्रकरण तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

बताया गया कि बनहरीकला में संयुक्त खाता और सहमति पत्र प्रस्तुत करने वाले 83 हितग्रहियों को आगामी मंगलवार तक बैंक खाते में निर्धारित राशि का भुगतान हो जाएगा। कुंवरपुर में सोमवार को रोजगार गतिविधियों के लिए लगेगा कैंपजिला कलेक्टर ने अटल सुशासन भवन कुंवरपुर में भी सिंचाई परियोजना से प्रभावित विस्थापितों की समस्याएं सुनकर निराकृत कीं। गांव की सुविधाओं और विकास के संबंध में चर्चा कर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

गांव में उपलब्ध संसाधन के बारे में पूछा तथा ग्रामवासियों से पशुपालन एवं किराना दुकान जैसी रोजगारपरक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। कलेक्टर ने आगामी सोमवार को पंचायत भवन कुंवरपुर में पशुपालन एवं उद्योग विभाग सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को इच्छुक ग्रामीणों के स्वरोजगार प्रकरण तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवार स्थानीय स्तर पर अपनी इच्छा मुताबिक व पसंद के व्यवसाय वाले रोजगार गतिविधियों से जुड़ें।

इससे ग्रामवासियों को भी गांव में ही आवश्यक सहूलियत मिल सकेगी। उन्होंने मत्स्यपालन गतिविधियों के लिए समिति गठन की प्रक्रिया शुरू कराने के लिए भी कहा। साथ ही ग्रामवासियों को शासन स्तर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर उपस्थित युवाओं से बेहतर कार्य के माध्यम से गांव में मिसाल बनने की अपील की गई।

इस दौरान जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, एसडीएम आलोक मार्काे, डिप्टी कलेक्टर अनुराग गुर्जर एवं जनपद पंचायत सीईओ सतीश नागवंशी सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।