जनसुनवाई में त्वरित निराकरण से संतुष्ट होकर खुशी-खुशी घर लौटे बुजुर्ग

कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। इस दौरान एडीएम विनय द्विवेदी सहित जिला अधिकारी उपस्थित रहे। जिला स्तरीय जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़े 300 आवेदनों पर कलेक्टर ने सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को परीक्षण करते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जो आवेदन रिपीट हो रहे हैं, उन्हें एक बार में निराकरण के संबंध में स्पष्ट अवगत कराएं, ताकि आवेदक बार-बार नहीं आए।

तकनीकी समस्या के कारण योजनाओं से वंचित थे दिव्यांग आवेदक

विगत जनसुनवाई में आए किशोरी विश्वकर्मा, ग्राम धीरजपुर, इनके हाथों की उंगलियां नहीं होने के कारण मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हो पा रहा था, जिससे वह शासन की योजनाओं से वंचित थे। इसी प्रकार छोटा अहिरवार, ग्राम ढिगपुरा निवासी, जो हाथ एवं आंख से दिव्यांग हैं, इनका आधार कार्ड रिजेक्ट हो गया था। कलेक्टर ने मामले को त्वरित रूप से संज्ञान में लेते हुए जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस को दोनों आवेदकों के निराकरण के निर्देश दिए थे।

यूआईडीएआई की तकनीकी टीम के सहयोग से हुआ आधार संबंधी निराकरण

प्रबंधक ई-गवर्नेंस राहुल तिवारी ने बताया कि निर्देशों के पालन में यूआईडीएआई राज्य कार्यालय भोपाल की तकनीकी टीम से समन्वय स्थापित किया गया। इसके बाद दोनों आवेदकों के आधार कार्ड संबंधी समस्या का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। कलेक्टर ने दोनों आवेदकों को आधार कार्ड की कॉपी सौंपी।

दिव्यांग बुजुर्ग को मौके पर ही मिली वृद्धावस्था पेंशन

कलेक्टर ने छोटा अहिरवार को तत्काल वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृति आदेश भी सौंपा। इसके अलावा श्रीमती कमलेश शर्मा, ग्राम खड़गायं की एक वर्ष से समग्र आईडी डिलीट होने के कारण पेंशन बंद हो गई थी। समग्र आईडी रिकवर कर उनकी विधवा पेंशन पुनः स्वीकृत की गई।

त्वरित निराकरण से आवेदकों में खुशी

जनसुनवाई में समस्याओं के त्वरित निराकरण के बाद बुजुर्ग आवेदकों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। आधार कार्ड एवं पेंशन स्वीकृति आदेश प्राप्त होने पर आवेदक संतुष्टि एवं खुशी के साथ अपने घर लौटे।