संबल योजना से सुरेन्द्र कुमार को मिली 2 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता

आधार सुधार, खाद्यान्न पात्रता पर्ची सहित विभिन्न प्रकरणों का मौके पर हुआ निराकरण

खास बातें

  • आधार सुधार, खाद्यान्न पात्रता पर्ची सहित विभिन्न प्रकरणों का मौके पर हुआ निराकरण
  • मंगलवार को कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई सम्पन्न हुई।
  • जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने 260 शिकायती एवं विभिन्न विभागों से जुड़े आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए।

मंगलवार को कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई सम्पन्न हुई। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने 260 शिकायती एवं विभिन्न विभागों से जुड़े आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम विनय द्विवेदी सहित जिला अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही तहसील स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई से जुड़े रहे।

जनसुनवाई में अनुग्रह सहायता से संबंधित आवेदक सुरेन्द्र कुमार गंगेले निवासी बूदौर को उनकी पत्नी अनीता की दुःखद सामान्य मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना अंतर्गत 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।

आधार संबंधी समस्या का हुआ निराकरण

इसी प्रकार आवेदक कैलाश धोबी निवासी छतरपुर नगरीय निकाय को कई महीनों से आधार में सुधार संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। जनसुनवाई में उनकी समस्या संज्ञान में आने पर संबंधित अधिकारी के माध्यम से तत्काल निराकरण कराया गया तथा उन्हें आधार कार्ड सौंपा गया। इससे अब उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।

खाद्यान्न सुरक्षा पात्रता पर्ची मिलने से राशन की राह हुई आसान

खड़गांय निवासी लल्ला यादव को परिवार खाद्यान्न सुरक्षा पात्रता पर्ची प्रदान कर उनकी समस्या का निराकरण किया गया। पात्रता पर्ची मिलने से अब उन्हें प्रत्येक माह पात्रता के अनुसार शासकीय उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न प्राप्त हो सकेगा। जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई और मौके पर समस्याओं के निराकरण से आवेदकों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए पात्रतानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं को भी अलग से सुना गया तथा उनके प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।